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Reply To: क्या जीवन में सब कुछ पूर्वनिर्धारित है या मनुष्य अपने कर्मों से भाग्य बदल सकता है?

#10453
DR SUNIL VIDYARTHI
Guest

सोचने की बात है कि हमारे शरीर में उपस्थित हार्ट अपने आप धड़कता है और फेफड़े अपने आप सांस लेते हैं शरीर के सभी अंगों में हमारी इच्छा का कोई लेना-देना नहीं यह सारी कायनात प्रोग्राम्ड अर्थात ईश्वर ने सब कुछ पूर्व निर्धारित करने के पश्चात ही हमें जन्म दिया जो कुछ हमारे भाग्य में नहीं है उसे हम किसी कीमत पर कर नहीं सकते जो कुछ हम कर रहे हैं वह सब ईश्वर की मर्जी से ही कर रहे हैं और हमें ऐसा लगता है कि हमारे कर्मों से हम काम कर पाते हैं जबकि ऐसा है नहीं करता तो सिर्फ ईश्वर ही है हमें ऐसा प्रतीत होता है की कर्म से भाग्य का निर्धारण होता है लेकिन ऐसा नहीं है भाग्य ही कर्म को निर्धारित करता है यही अंतिम सत्य है जिसको कि हम विज्ञान के माध्यम से भी सिद्ध कर सकते हैं।

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