Shloka of the Day
Shloka of the Day
नमो निर्मास देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च ।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते ॥
अर्थ : जिनका शरीर कंकाल के समान मांस-हीन एवं जटाएं व दाढ़ी-मूंछ बड़ी हुई है। उन शनिदेव को मेरा प्रणाम है। जिनके नेत्र बड़े-बड़े, पीठ से सटा हुआ पेट एवं भयानक आकार वाले भगवान शनि देव को मेरा प्रणाम है।
यह श्लोक शनिदेव के तपस्वी और वैराग्यपूर्ण स्वरूप का वर्णन करता है। उनका भयावह रूप दंड देने के लिए नहीं, बल्कि अधर्म, अहंकार और पाप से सावधान करने के लिए है। शनिदेव न्याय के देवता हैं, वे किसी से पक्षपात नहीं करते उनका कृश शरीर यह दर्शाता है कि वे भोग-विलास से दूर, केवल धर्म और कर्म के नियमों से जुड़े हैं।
Source: शनिदेव स्तोत्र

Download the Mahakavya App