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Reply To: श्रावण मास भगवान शिव को इतना प्रिय क्यों है?

#14880
प्रवीण पाण्डेय
Guest

समुद्र मंथन के समय जब कालकूट (हलाहल) विष निकला, तो सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने श्रावण मास में ही उसका पान किया था। विष के तीव्र ताप को शांत करने के लिए सभी देवताओं ने उन पर गंगाजल और शीतल द्रव्यों से अभिषेक किया। इसी कारण सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक करने की विशेष शास्त्रीय परंपरा है।