महाभारत का 18 दिवसीय युद्ध, जिसमें लगभग 39 लाख से अधिक योद्धाओं ने भाग लिया था, इसे सीधे तौर पर मुख्य रूप से युद्धक्षेत्र में मौजूद योद्धाओं ने देखा था। हालाँकि, संजय ने दिव्य दृष्टि से युद्ध का आँखों देखा हाल धृतराष्ट्र को सुनाया, और वेदव्यास, काकभुशुंडी जैसे मनीषियों ने भी इसे देखा था।