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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 41 to 45

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 41 to 45 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 41 से 45 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 41 to 45) के इकतालीसवाँ अध्याय में श्रीराधा और श्रीकृष्ण का मिलन वर्णन कहा गया है। बयालीसवाँ अध्याय में रासक्रीडा के प्रसङ्ग में श्रीवृन्दावन, यमुना-पुलिन, वंशीवट, […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 36 to 40

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 36 to 40 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 36 से 40 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 36 to 40) के छत्तीसवाँ अध्याय में श्रीकृष्ण पुत्र सुनन्दन द्वारा दैत्य पुत्र कुनन्दन का वध का वर्णन है। सैंतीसवाँ अध्याय में भगवान शिव का अपने […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 31 to 35

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 31 to 35 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 31 से 35 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 31 to 35) के इकतीसवाँ अध्याय में वृकद्वारा सिंहका और साम्बद्वारा कुशाम्बका वध वर्णन है। बत्तीसवाँ अध्याय में मयको बल्वलका समझाना; बल्वल की युद्धघोषणा; समस्त दैत्यों […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 26 to 30

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 26 to 30 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 26 से 30 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 26 to 30) के छब्बीसवाँ अध्याय में नारदजीके मुखसे बल्वलके निवासस्थानका पता पाकर यादवोंका अनेक तीर्थोंमें स्नान-दान करते हुए कपिलाश्रमतक जाना और वहाँ कपिल मुनिको प्रणाम […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 21 to 25

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 21 to 25 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 21 से 25 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 21 to 25) के इक्कीसवाँ अध्याय में भद्रावतीपुरी तथा राजा यौवनाश्वपर अनिरुद्ध की विजय का वर्णन कहा गया है। बाईसवाँ अध्याय में यज्ञ के घोड़े का […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 16 to 20

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 16 to 20 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 16 से 20 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 16 to 20) के सोलहवाँ अध्याय में चम्पावतीपुरीके राजाद्वारा अश्वका पकड़ा जाना; यादवोंके साथ हेमाङ्गदके सैनिकोंका घोर युद्ध; अनिरुद्ध और श्रीकृष्ण पुत्रों के शौर्यसे पराजित राजा […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 11 to 15

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 11 to 15 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 11 से 15 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 11 to 15) के ग्यारहवें अध्याय में ऋत्विजोंका वरण-पूजन; श्यामकर्ण अश्वका आनयन और अर्चन; ब्राह्मणोंको दक्षिणादान; अश्वके भालदेशमें बँधे हुए स्वर्णपत्रपर गर्गजीके द्वारा उग्रसेनके बल-पराक्रमका उल्लेख […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 6 to 10

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 6 to 10 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 6 से 10 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 6 to 10) के छठा अध्याय में श्रीकृष्ण के अनेक चरित्रों का संक्षेप से वर्णन कहा है। सातवाँ अध्याय में देवर्षि नारद का ब्रह्मलोक से आगमन; […]

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Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 1 to 5

श्रीहरिः ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते Garga Samhita Ashwamedh Khand Chapter 1 to 5 | श्री गर्ग संहिता के अश्वमेधखण्ड अध्याय 1 से 5 तक श्री गर्ग संहिता में अश्वमेधखण्ड (Ashwamedh Khand Chapter 1 to 5) के पहले अध्याय में अश्वमेध-कथाका उपक्रम; गर्ग-वज्रनाभ-संवाद कहा गया है। दूसरा अध्याय में श्रीकृष्णावतार की पूर्वार्द्धगत लीलाओं का संक्षेप वर्णन कहा है। तीसरा […]

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Garga Samhita Shri Vigyankhand Chapter 6 to 10

श्रीगणेशाय नमः Garga Samhita Shri Vigyankhand Chapter 6 to 10 | श्री गर्ग संहिता के श्री विज्ञानखंड अध्याय 6 से 10 तक श्री गर्ग संहिता में श्री विज्ञानखंड के छठे (Shri Vigyankhand Chapter 6 to 10) अध्याय में मन्दिर निर्माण तथा विग्रह प्रतिष्ठा एवं पूजा की विधि का वर्णन किया गया है। सातवाँ अध्याय में नित्यकर्म और पूजा-विधि का वर्णन […]

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