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Garga Samhita Vrindavan Khand Chapter 6 to 10

॥ श्रीहरिः ॥ ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः श्री गर्ग संहिता वृन्दावनखण्ड | Garga Samhita Vrindavan Khand Chapter 6 to 10 श्री गर्ग संहिता में वृन्दावनखण्ड (Vrindavan Khand Chapter 6 to 10) के अध्याय छः में अघासुर का उद्धार और उसके पूर्व जन्म का परिचय दिया गया है। अध्याय सात में ब्रह्माजी के द्वारा गौओं, गोवत्सों एवं […]

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Garga Samhita Vrindavan Khand Chapter 1 to 5

॥ श्रीहरिः ॥ ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः श्री गर्ग संहिता वृन्दावनखण्ड | Garga Samhita Vrindavan Khand Chapter 1 to 5 श्री गर्ग संहिता में वृन्दावनखण्ड (Vrindavan Khand Chapter 1 to 5) के प्रथम अध्याय में सन्नन्दका गोपोंको महावनसे वृन्दावनमें चलनेकी सम्मति देना और व्रजमण्डलके सर्वाधिक माहात्यका वर्णन कहा गया है। दूसरे अध्याय में गिरिराज गोवर्धन की […]

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Garga Samhita Golok Khand Chapter 16 to 20

॥ श्रीहरिः ॥ ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते श्रीगर्ग संहिता गोलोकखण्ड (Golok Khand Chapter 16 to 20) गर्ग संहिता गोलोक खण्ड सोलहवाँ अध्याय से बीसवाँ अध्याय तक श्री गर्ग संहिता में गोलोक खण्ड (Golok Khand Chapter 16 to 20) के सोलहवें अध्याय में भाण्डीर-वनमें नन्दजीके द्वारा श्रीराधाजीकी स्तुति; श्रीराधा और श्रीकृष्णका ब्रह्माजीके द्वारा विवाह ब्रह्माजीके द्वारा श्रीकृष्णका स्तवन तथा […]

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Garga Samhita Golok Khand Chapters 11 to 15

॥ श्रीहरिः ॥ ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते श्रीगर्ग संहिता (गोलोकखण्ड) गर्ग संहिता गोलोक खण्ड ग्यारहवाँ अध्याय से पंद्रहवाँ अध्याय तक (Golok Khand Chapters 11 to 15) श्री गर्ग संहिता में गोलोकखण्ड (Golok Khand Chapters 11 to 15)के ग्यारहवाँ अध्याय में भगवान का वसुदेव-देवकी में आवेश; देवताओंद्वारा उनका स्तवन; आविर्भावकाल; अवतार-विग्रह की झाँकी;आदि का वर्णन किया गया हे। बारहवाँ […]

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Garga Samhita Golok Khand Chapters 6 to 10

।। श्रीहरिः ॥ ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते श्रीगर्ग संहिता (गोलोकखण्ड) गर्ग संहिता गोलोक खण्ड अध्याय छ: से अध्याय दस तक (Golok Khand Chapters 6 to 10) गर्ग संहिता गोलोक खण्ड अध्याय छ: से अध्याय दस (Golok Khand Chapters 6 to 10) में कालनेमिके अंशसे उत्पन्न कंसके महान् बल-पराक्रम और दिग्विजयका वर्णन, कंसकी दिग्विजय – शम्बर, व्योमासुर, बाणासुर, वत्सासुर, […]

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Garga Samhita Golok khand Chapters 1 to 5

।। श्रीहरिः ॥ ॐ दामोदर हृषीकेश वासुदेव नमोऽस्तु ते गर्ग संहिता गोलोकखण्ड पहले अध्याय से पांचवे अध्याय तक (Golok khand Chapters 1 to 5) श्रीगर्ग संहिता (गोलोकखण्ड) गर्ग ऋषि द्वारा रचित श्री गर्ग संहिता में गोलोकखण्ड के प्रथम अध्याय में शौनक-गर्ग-संवादः राजा बहुलाश्वके पूछनेपर नारदजीके द्वारा अवतार-भेदका निरूपण किया गया है। दूसरे अध्याय में ब्रह्मादि देवोंद्वारा गोलोकधाम का दर्शन का […]

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