loader image

विवेकचूडामणि हिंदी में

विवेकचूडामणि आदि शंकराचार्य द्वारा संस्कृत भाषा में विरचित प्रसिद्ध ग्रन्थ है जिसमें अद्वैत वेदान्त का निर्वचन किया गया है। इसमें ब्रह्मनिष्ठा का महत्त्व, ज्ञानोपलब्धि का उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्मज्ञान का महत्त्व, पंचप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी, आत्मज्ञान का फल आदि तत्त्वज्ञान के विभिन्न विषयों का अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है। माना जाता हैं कि इस ग्रन्थ में सभी वेदों का सार समाहित है। शंकराचार्य ने अपने बाल्यकाल में ही इस ग्रन्थ की रचना की थी।

यहां एक क्लिक में पढ़े ~ विवेकचूडामणि अंग्रेजी में

विवेकचुदामणि शीर्षक भेदभाव के क्रेस्ट ज्वेल में अनुवाद करता है। पाठ गोविंदा को नमस्कार के साथ शुरू होता है, जिसकी व्याख्या या तो भगवान या उनके गुरु श्री गोविंद भागवतपद के संदर्भ में की जा सकती है। इसके बाद यह आत्म-साक्षात्कार के महत्व, उस तक पहुंचने के तरीकों और गुरु की विशेषताओं की व्याख्या करता है। यह शरीर के प्रति लगाव की आलोचना करता है और विभिन्न साड़ी, कोस, गुण, इंद्रियों और प्राणों की व्याख्या करने के लिए जाता है जो अनात्मन का गठन करते हैं। यह शिष्य को आत्म-साक्षात्कार प्राप्त करने के तरीके सिखाता है, ध्यान के तरीके (ध्यान) और आत्मा का आत्मनिरीक्षण। विवेकचुदामणि भगवद गीता की तर्ज पर एक प्रबुद्ध मानव (जीवनमुक्त) और स्थिर ज्ञान (स्थिरप्रज्ञा) के व्यक्ति की विशेषताओं का वर्णन करता है।

 

यह भी पढ़े

श्रीमद्भगवद्गीता हिंदी में

108-उपनिषद हिंदी में

श्री रामचरितमानस हिंदी में

गरुड़ पुराण हिंदी में

महाकाल लोक उज्जैन

श्री सत्यनाराण व्रत कथा

Share

Related Books

Share
Share